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Computer Generations in Hindi

Computer History & Generations in Hindi | First to Fifth Generation

🖥️ Computer History & Generations कंप्यूटर का इतिहास | कंप्यूटर की पीढियां

Computer Generations Hindi Notes
कंप्यूटर के विकासक्रम में समय-समय पर विभिन्न परिवर्तन होने के अवधि को विभिन्न चरणों में विभाजित किया गया है जिन्हें कंप्यूटर की पीढ़ियाँ (Computer Generations) कहा जाता है।
📑 Table of Contents (विषय सूची)

⏳ कंप्यूटर का विकासक्रम (Development of Computers)

कंप्यूटर का विकासक्रम में समय समय पर विभिन्न परिवर्तन होने के साथ आज के आधुनिक कंप्यूटर ने आकार लिया है। यह लगभग 16वीं शताब्दी का समय था जब कंप्यूटर का विकास शुरू हुआ था। प्रारंभिक कंप्यूटर से आधुनिक कंप्यूटर तक की यात्रा में कंप्यूटर को कई बदलावों का सामना करना पड़ा है। इस विकासक्रम में कंप्यूटर के कार्य करने की गति, सटीकता, आकार और कीमत के मामले में लगातार सुधार हुए हैं। कंप्यूटर के विकास की इस अवधि को विभिन्न चरणों में विभाजित किया गया है जिन्हें कंप्यूटर की पीढ़ियाँ (Computer Generations) कहा जाता है

इन पीढ़ियो को कंप्यूटर के द्वारा उपयोग में ली जाने वाली टेक्नोलॉजी के आधार पर परिभाषित किया जाता है। समय अवधि के अनुसार कम्प्यूटर का वर्गीकरण निम्नानुसार पाँच पीढ़ियों में किया गया है:

  • प्रथम पीढ़ी: 1942 से 1955 (Vacuum Tubes)
  • द्वितीय पीढ़ी: 1955 से 1964 (Transistors)
  • तृतीय पीढ़ी: 1964 से 1975 (Integrated Circuits)
  • चतुर्थ पीढ़ी: 1975 से 1995 (Microprocessors)
  • पंचम पीढ़ी: वर्तमान और भविष्य (ULSI & Artificial Intelligence)

1️⃣ प्रथम पीढ़ी के कम्प्यूटर (First Generation) - 1942 से 1955

1946 में इलेक्ट्रॉनिक वाल्व (वैक्यूम ट्यूब) का उपयोग करने वाले डिजिटल कंप्यूटर को पहली पीढ़ी के कंप्यूटर के रूप में जाना जाता है। वैक्यूम ट्यूब में बहुत अधिक बिजली की खपत होती थी। ये कंप्यूटर आकार में बहुत बड़े थे और उन पर प्रोग्राम लिखना मुश्किल था।

First Generation Computers

इस पीढ़ी के मुख्य कंप्यूटर:

ENIAC (Electronic Numerical Integrator and Calculator):
यह पहला इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर था जिसे 1946 में J. Presper Eckert और John Mauchly द्वारा बनाया गया था। इसका वजन 30 टन था और इसमें 18,000 वैक्यूम ट्यूब लगे हुए थे।
ENIAC 30-50 फीट लंबा था, जिसका वजन 30 टन था, जिसमें 18,000 वैक्यूम ट्यूब, 70,000 रेसिस्टेंस, 10,000 कैपेसिटर लगे हुए थे। इस कंप्यूटर को लगभग 15,000 वाट बिजली की आवश्यकता होती थी। आज के कंप्यूटर ENIAC से कई गुना शक्तिशाली हैं, फिर भी आकार बहुत छोटा है।
ENIAC (Electronic Numerical Integrator and Calculator)
EDVAC (Electronic Discrete Variable Automatic Computer):
1950 में विकसित। कंप्यूटर के अंदर डेटा और निर्देशों को संग्रहीत (Store) करने की अवधारणा को पहली बार पेश किया गया था।
EDVAC एक बाइनरी सीरियल कंप्यूटर था जिसमें ऑटोमेटिक जोड़, घटाव, गुणा, प्रोग्राम्ड डिवीजन और एक अल्ट्रासोनिक सीरियल मेमोरी के साथ ऑटोमैटिक चेकिंग थी।
UNIVAC (Universal Automatic Computer):
1951 में विकसित किया गया पहला व्यावसायिक (Commercial) कंप्यूटर था। यह मैग्नेटिक टेप और बफर मेमोरी का उपयोग करने वाला पहला कंप्यूटर था।

सीमाएं (Limitations):

  • वैक्यूम ट्यूब का उपयोग, जिससे भारी गर्मी उत्पन्न होती थी।
  • आकार में बहुत बड़े थे।
  • प्रोसेसिंग स्पीड धीमी और स्टोरेज क्षमता कम थी।
  • प्रोग्रामिंग के लिए सिर्फ मशीन भाषा (Machine Language) का उपयोग होता था।
  • इस पीढ़ी के कंप्यूटर बहुत महंगे थे।

2️⃣ द्वितीय पीढ़ी के कंप्यूटर (Second Generation) - 1955 से 1964

सन् 1948 में ट्रांजिस्टर (Transistors) की खोज ने वैक्यूम ट्यूब का स्थान ले लिया। ट्रांजिस्टर के उपयोग से कम्प्यूटर अधिक ऊर्जा दक्ष (Energy Efficient), तीव्र एवं अधिक विश्वसनीय हो गए।

Second Generation Computers

द्वितीय पीढी के कम्प्यूटर में मशीन लेंग्वेज़ को असेंबली लेंग्वेज़ (Assembly Language) के द्वारा प्रतिस्थापित कर दिया गया। उच्च स्तरीय भाषाओं जैसे फोरट्रान (FORTRAN) और कोबोल (COBOL) का इस्तेमाल शुरू हुआ।

UNIVAC (Universal Automatic Computer):
द्वितीय पीढी के कंप्यूटर का आकार काफी कम हो गया। दूसरी पीढ़ी में सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट (सीपीयू), मेमोरी, प्रोग्रामिंग लैंग्वेज और इनपुट और आउटपुट यूनिट की अवधारणा विकसित की गई थी। दूसरी पीढ़ी के कुछ कंप्यूटर आईबीएम 1620 ,आईबीएम 1401, सीडीसी 3600 हैं।

विशेषताएँ (Characteristics):

  • वैक्यूम ट्यूब के बजाय ट्रांजिस्टर का उपयोग।
  • प्रोसेसिंग की गति फर्स्ट जेनरेशन से अधिक तेज थी।
  • आकार में छोटे हो गए थे।
  • उदाहरण: IBM 1620, IBM 1401, CDC 3600.

3️⃣ तृतीय पीढ़ी के कंप्यूटर (Third Generation) - 1964 से 1975

तृतीय पीढ़ी में ट्रांजिस्टर का स्थान इंटीग्रेटेड सर्किट (IC - Integrated Circuit) ने ले लिया। 1958 में जैक किल्बी (Jack Kilby) ने IC का निर्माण किया। एक IC में कई ट्रांजिस्टर, रजिस्टर और कैपेसिटर सिलिकॉन के एक ही पतले टुकड़े पर बनाए जाते हैं, जिससे कम्प्यूटर और भी तेज एवं छोटे हो गए।

तृतीय पीढ़ी की अवधि के दौरान विकसित किए गए कुछ मुख्य कंप्यूटर IBM- 360, ICL- 1900, IBM- 370 और VAX- 750 थे। उच्च स्तर की भाषा जैसे कि BASIC (Beginner's All-purpose Symbolic Instruction Code) प्रोग्रामिंग लैंग्वेज इस अवधि के दौरान विकसित की गई थी।

इस पीढ़ी के कंप्यूटर आकार में छोटे थे, कम लागत, अधिक मेमोरी और प्रोसेसिंग गति बहुत अधिक थी। बहुत जल्द ही आईसीएस को एलएसआई (लार्ज स्केल इंटीग्रेशन) द्वारा बदल दिया गया, जिसमें लगभग 100 घटक शामिल थे। लगभग 100 घटकों वाले एक IC को LSI कहा जाता है।

Third Generation Computers

विशेषताएँ (Characteristics):

  • ट्रांजिस्टर की जगह इंटीग्रेटेड सर्किट (IC) चिप्स का इस्तेमाल किया।
  • मिनी कंप्यूटर (Mini Computers) इसी पीढ़ी में पेश किए गए।
  • BASIC (Beginner's All-purpose Symbolic Instruction Code) जैसी हाई-लेवल भाषा विकसित हुई।
  • उदाहरण: IBM-360, ICL-1900, VAX-750.

4️⃣ चतुर्थ पीढ़ी के कंप्यूटर (Fourth Generation) - 1975 से 1995

इस पीढी में LSI और VLSI (Very Large Scale Integrated Circuit) का उपयोग हुआ, जहाँ लाखों सर्किट्स को एक सिलिकॉन चिप (Microprocessor) पर समाहित किया गया। माइक्रोप्रोसेसर के विकास के कारण पर्सनल कंप्यूटर (PC) का जन्म हुआ।

Fourth Generation Computers
माइक्रोप्रोसेसर के विकास के कारण कंप्यूटर की सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट (सीपीयू) को सिंगल चिप पर बनाया जाना संभव हो गया है। इन कंप्यूटरों को माइक्रो कंप्यूटर कहा जाता है। सन् 1975 में प्रथम माइक्रो कम्प्यूटर Altair 8000 प्रस्तुत किया गया।

1981 में IBM ने पहला पर्सनल कम्प्यूटर प्रस्तुत किया। लेपटॉप का निर्माण भी इसी पीढ़ी में हुआ। ऑपरेटिंग सिस्टम के रूप में MS-DOS, UNIX, और Windows लोकप्रिय हुए।

विशेषताएँ (Characteristics):

  • माइक्रोप्रोसेसर (VLSI) का उपयोग।
  • डेस्कटॉप और लैपटॉप कंप्यूटर का उदय।
  • प्रोसेसिंग की उच्च गति और 100% सटीकता।
  • ग्राफिकल यूजर इंटरफ़ेस (GUI) वाले OS का इस्तेमाल।

5️⃣ पांचवी पीढ़ी के कंप्यूटर (Fifth Generation) - वर्तमान और भविष्य

5वीं पीढ़ी के कंप्यूटर ULSI (Ultra-Large Scale Integration) चिप्स का उपयोग करते हैं और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence - AI) पर आधारित हैं।

Fifth Generation Computers
5वीं पीढ़ी में वॉयस रिकग्निशन (Voice Recognition), मशीन लर्निंग (Machine Learning), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), और रोबोटिक्स पर जोर दिया जा रहा है। उदाहरण: Google Assistant, Windows Cortana, Apple Siri।

विशेषताएँ (Characteristics):

  • कम्प्यूटर्स में स्वयं सोचने और निर्णय लेने की क्षमता (AI)।
  • अत्यधिक उच्च भंडारण क्षमता (TB & PB storage) और स्पीड।
  • उच्च स्तरीय प्रोग्रामिंग भाषाएँ जैसे JAVA, .NET, Python का उपयोग।

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About Topic: इस टॉपिक में कंप्यूटर के इतिहास, उसके विकासक्रम एवं कंप्यूटर जनरेशन के बारे में बताया गया है। उम्मीद है कि इससे आपको कंप्यूटर का आविष्कार कैसे हुआ? कंप्यूटर का विकासक्रम एवं कंप्यूटर की पीढियां कौन सी हैं? कंप्यूटर की विभिन्न पीढ़ियों में उपयोग होने वाले कॉम्पोनेन्ट एवं उनमें अन्तर जैसे प्रश्नों का समाधान प्राप्त होगा।