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Introduction to Computers

Introduction to Computers in Hindi 

कंप्यूटर का परिचय

कम्प्यूटर्स संबंधी आधारभूत जानकारी

"कंप्यूटर" (Computer) शब्द "Compute" शब्द से आया है, जिसका अर्थ है, "गणना करना"। इसलिए आमतौर पर कंप्यूटर को कैलकुलेटिंग डिवाइस माना जाता है जो उच्च गति (High Speed) पर अंकगणितीय (Arithmatic) ऑपरेशन कर सकते हैं। वास्तव में कंप्यूटर का आविष्कार करने का मूल उद्देश्य तेजी से गणना करने वाली मशीन बनाना था। हालाँकि, आज कंप्यूटर द्वारा किए गए 80% से अधिक कार्य गैर-गणितीय या गैर-संख्यात्मक प्रकृति के हैं। 

कम्प्यूटर आज की दुनिया में रोजमर्रा की जिंदगी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। कई लोग अपने किए गये कामों का रिकॉर्ड रखने के लिए, गणना या हिसाब करने के लिए, गणना या हिसाब करने के लिए, जानकारी ढूँढने के लिए, संगीत और तस्वीरों का संग्रह करने के लिए, गेम खेलने के लिए और दूसरों से बातचीत करने के लिए कम्प्यूटर का इस्तेमाल करते हैं। आज का युग कम्प्यूटर का युग है। हम सभी किसी न किसी रूप में कम्प्यूटरों से प्रभावित हैं। कम्प्यूटर अब आय-व्यय का हिसाब रखने व आर्थिक व्यवस्था का विश्लेषण करने जैसे अनेक महत्त्व पूर्ण कार्यों में उपयोग में लिए जा रहे हैं। बैंकों में ये ग्राहकों के रूपये-पैसे का हिसाब रख रहे हैं, होटलों तथा अस्पतालों में ये व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने व ग्राहकों के बिल शीघ्रता से तैयार करने के कार्य कर रहे हैं। रेलगाड़ी तथा वायुयान सेवाओं में ये सीटें आरक्षित कर रहे हैं। कम्प्यूटर ने हमारे काम करने और जीने का ढंग ही बदल दिया है। 

कम्प्यूटर की कार्य प्रणाली 

कम्प्यूटर एक आज्ञाकारी सेवक है जो कि आप के दिए गए आदेशों का तुरंत पालन करता है। अंतर केवल इतना है कि कम्प्यूटर की अपनी कोई बुद्धि नहीं होती। अतः कोई भी कार्य करवाने के लिए उसे संपूर्ण व स्पष्ट आदेश देने होते हैं। कम्प्यूटर से किसी कार्य को करवाने के लिए दिए जाने वाले आदेशों की क्रमबद्ध सूची को प्रेाग्राम कहते हैं। जिन सूचना या आँकड़ों पर गणना की जाती है उसे डेटा कहा जाता है। 

कम्प्यूटर जो कार्य कर सकता है, उसके संदर्भ में भी कम्प्यूटर को परिभाषित किया जा सकता है। कम्प्यूटर डाटा को ग्रहण (accept) कर सकता है, डाटा का भंडारण (store) कर सकता है, डाटा को इच्छित रूप में संशोधित (process) कर सकता है तथा आवश्यकता पड़ने पर संग्रहित डाटा को पुर्नप्राप्त (retrieve) कर सकता है और परिणाम को मनचाहे फॉर्मेट में प्रिंट कर सकता है। 

कम्प्यूटर को निम्न प्रकार से परिभाषित किया जा सकता है : 

कम्प्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाईस / मशीन है जो- 

· निश्चित निर्देशों के आधार पर कार्य करता है। 

· कम्प्यूटर के उपयोगकर्ता द्वारा विभिन्न डेटा प्राप्त करता है। 

· प्रोग्राम के आधार पर डेटा को परिवर्तित करता है। 

· आवश्यक परिणाम / सूचना प्रदान करता है। 

· सूचना को सुरक्षित रखता है। ” 

कम्प्यूटर की संरचना 


कम्प्यूटर का ब्लॉक चित्र में दिखाया हैः 

 

Working Diagram Computer





मुख्यतः कम्प्यूटर निम्न कार्यों को संपन्न करता है, चाहे उसकी बनावट या आकार कुछ भी हो। ये हैं –  इनपुट यूनिट, सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट एवं आउटपुट यूनिट 

 

इनपुट यूनिट 

यह इनपुट द्वारा डाटा या निर्देश स्वीकार करता है, यह डाटा और प्रोग्राम को कम्प्यूटर सिस्टम में प्रविष्ट (enter) करने की प्रक्रिया है। इनपुट डिवाइस के द्वारा हम अपने डाटा या निर्देशों को कंप्यूटर में इनपुट (Input) करा सकते हैं । कंप्यूटर में कई इनपुट डिवाइस होते है ये डिवाइस कंप्यूटर के मस्तिष्क (CPU) को निर्देशित करती है की वह क्या करे? इनपुट डिवाइस कई रूप में उपलब्ध है तथा सभी के विशिष्ट उद्देश्य है टाइपिंग के लिये हमारे पास की बोर्ड (Keyboard) होते है, जो हमारे निर्देशों को टाइप करने के काम आता है। इसी प्रकार माउस के द्वारा क्लिक करके हम कम्प्यूटर को निर्देश देते हैं।

“Input Device वे Device है जो हमारे निर्देशों या आदेशों को Computer के मष्तिष्क, सी.पी.यू. (C.P.U.) तक पहुचाते हैं।" 

Input Device कई प्रकार के होते है जो निम्न प्रकार है 

Keyboard 

Mouse 

Joystick 

Trackball 

Light pen 

Touch screen 

Digital Camera 

Scanner 

Digitizer Tablet 

Bar Code Reader 

OMR 

OCR 

MICR 

ATM etc. 

 

सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट (CPU) 

C.P.U. का पूरा नाम सेन्ट्रल प्रोसेसिंग यूनिट (Central Processing Unit) हैं। इसका हिंदी नाम केन्द्रीय संसाधन इकाई होता हैं। यह Computer का सबसे महत्वपूर्ण भाग होता हैं। अर्थात इसके बिना Computer सिस्टम पूर्ण नहीं हो सकता है, इससे सभी Device जुड़े हुए रहते है जैसे- Keyboard, Mouse, Monitor आदि । 

CPU को  Computer का मस्तिष्क (Brain) भी कहते है। इसका मुख्य कार्य प्रोग्राम (Programs) को क्रियान्वित (Execute) करना है इसके अलावा C.P.U Computer के सभी भागो, जैसे- Memory, Input, Output Devices के कार्यों को भी नियंत्रित करता हैं। 

C.P.U (Central Processing Unit) के तीन भाग होते है – 

 C.U. 

 A.L.U. 

 Memory

कंट्रोल यूनिट (CU) 

यह कम्प्यूटर के भीतरी आपरेशनों को नियंत्रित करता है। इनपुट, आउटपुट, संशोधन तथा भंडारण की प्रक्रिया कंट्रोल यूनिट के निरीक्षण में की जाती है। यह निर्धारित करता है कि डाटा प्राप्त करना कब प्रारंभ किया जाए तथा डाटा प्राप्त करना कब बंद किया जाए, और डाटा का भंडारण कहाँ किया जाए इत्यादि। यह ध्यान देता है कि क्रमबद्ध प्रोसेस द्वारा कम्प्यूटर के आंतरिक कार्यों को किस प्रकार संपन्न किया जाए। 

कंट्रोल यूनिट (Control Unit) हार्डवेयर कि समस्त क्रियाओं को नियंत्रित और संचालित करता हैं। यह Input, Output क्रियाओं को नियंत्रित (Control) करता है साथ ही Memory और A.L.U. के मध्य डाटा के आदान प्रदान को निर्देशित करता है यह प्रोग्राम (Program) को क्रियान्वित करने के लिये निर्देशों को मेमोरी से प्राप्त करता हैं। निर्देशों को यह उचित डिवाइस तक पहुँचाता हैं।” 

 

अरिथमेटिक लॉजिक यूनिट (ALU) 

एएलयू द्वारा मुख्य रूप से जोड़ना, घटाना, गुणा करना, भाग, तार्किक और तुलनात्मक कार्य किए जाते हैं। एरिथटिक एवं लॉजिक यूनिट को संक्षेप में A.L.U कहते हैं। यह यूनिट डाटा पर अंकगणितीय क्रियाएँ (जोड़, घटाना, गुणा, भाग) और तार्किक क्रियायें (Logical operation) करती हैं। A.L.U Control Unit से निर्देश लेता हैं। यह मेमोरी (memory) से डाटा को प्राप्त करता है तथा Processing के पश्चात सूचना को मेमोरी में लौटा देता हैं। A.L.U के कार्य करने की गति (Speed) अति तीव्र होती हैं। यह लगभग 1000000 गणनाये प्रति सेकंड (Per Second) की गति से करता हैं। इसमें ऐसा इलेक्ट्रॉनिक परिपथ होता है जो बाइनरी अंकगणित (Binary Arithmetic) की गणनाएँ करने में सक्षम होता हैं। यह उपयोगकर्ता की आवश्यकता अनुसार डाटा को संशोधित करता है। 

एएलयू (ALU) और सीयू (CU) को संयुक्त रूप से सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट (सीपीयू) कहा जाता है। सीपीयू को कम्प्यूटर सिस्टम का मस्तिष्क भी कह सकते हैं।”

 

मेमोरी यूनिट 

यह डाटा को संग्रहित करता है, डाटा और निर्देशों को संग्रहित करने के लिये कम्प्यूटर का प्रयोग किया जाता है। यह Input Device के द्वारा प्राप्त निर्देशों को Computer में संग्रहण (Store) करके रखता है इसे Computer की याददाश भी कहाँ जाता है। मानव में कुछ बातों को याद रखने के लिये मष्तिस्क होता है, उसी प्रकार मेमोरी (Memory) हैं। यह मेमोरी C.P.U का अभिन्न अंग है, यह एक संग्राहक उपकरण (Storage Device) हैं। अतः इसे Computer की मुख्य मेमोरी (Main memory), आंतरिक मेमोरी (Internal Memory), या प्राथमिक मेमोरी (Primary Memory) भी कहते हैं। 

“Computer का वह स्थान जहाँ सभी सूचनाओ, आकडों या निर्देशों को Store करके रखा जाता है मेमोरी कहलाती हैं।”

आउटपुट यूनिट 

यह परिणामों को मनचाहे रूप में आउटपुट के द्वारा दर्शाता है। उपयोगी जानकारी प्राप्त करने के लिए डाटा द्वारा परिणामों को पेश करने की प्रोसेस को आउटपुट कहा जाता है। 

आउटपुट डिवाइस वे डिवाइस होते हैं जो User द्वारा इनपुट किये गए डाटा को Result के रूप में प्रदान करते हैं।” 

Output Device के द्वारा कंप्यूटर से प्राप्त परिणामो (Result) को प्राप्त किया जाता है इन परिणामों को प्राय: डिस्प्ले डीवाइसेज (स्क्रीन) या प्रिंटर के द्वारा User को प्रस्तुत किया जाता हैं। मुख्य रूप से Output के रूप में प्राप्त सूचनाएं या तो हम स्क्रीन पार देख सकते है या प्रिंटर से पेज पर प्रिंट कर सकते है या संगीत सुनने के लिये आउटपुट के रूप में स्पीकर का उपयोग कर सकते हैं, Output Device कई प्रकार के होते है जैसे- Monitor, Printer, Plotter, Projector, Sound Speaker





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