ITI COPA

iti copa web design hindi notes

वेब पेज डिजाइनिंग

हमारे जीवन में इंटरनेट एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।  आजकल किसी भी जानकारी के लिए भी हम इंटरनेट पर निर्भर रहते हैं जैसे कि रिसर्च करनाअपने धन का प्रबंधन करनादेश भर में प्रियजनों के साथ संपर्क रखना इत्यादि।  देखा जाए तो व्यापार की दुनिया भी ज्यादातर इंटरनेट पर निर्भर हैवित्तीय लेनदेन सेकंड में नियंत्रित किए जाते हैं और संचार भी तात्कालिक इन्टरनेट के माध्यम से हो जाता है।  यहां तक कि सरकारें भी अपने दैनिक कार्यों इत्यादि का प्रबंधन करने के लिए इंटरनेट का इस्तेमाल करती हैं।  वर्ल्ड वाइड वेब इंटरनेट का सबसे महत्वपूर्ण उपकरण है क्योंकि इसके बिना एक-दूसरे से जुड़ना बहुत मुश्किल है।  आज के समय में बिना www के इंटरनेट की कल्पना करना मुश्किल है और शायद इसलिए ही www को इन्टरनेट का बैकबोन कहा जाता है।   आज अगर हमें किसी भी प्रकार की कोई Information चाहिए होती है तो हम उसे तुरंत किसी ना किसी वेबसाइट के जरिए पा लेते है जो www से ही संभव है।  

वर्ल्ड वाइड वेब

WWW का फुल फॉर्म “World Wide Web होता है जिसे “Web या “W3 भी कहा जाता है।  यह एक Information System होता है जहाँ पर वेबसाइट से सम्बंधित सारे डाक्यूमेंट्स और वेब पेज को URL (Uniform Resource Locator) के द्वारा Identify किया जाता है। www इन्टरनेट पर सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली सर्विस है।  इसके जरिये कई सारे वेब servers और क्लाइंट्स एक साथ जुड़ते है।  वेब सर्वर के HTML डाक्यूमेंट्स, इमेज फाइल्स, वीडियो फाइल्स और अलग-अलग प्रकार के ऑनलाइन कंटेंट्स स्टोर रहते हैं जिन्हें वेब की मदद से एक्सेस किया जा सकता है।  
दुनियाभर में जितने भी वेबसाइटस और वेब पेजेज हैं वे सभी वेब से जुड़े होते हैं और इन्हें एक्सेस करने के लिए हाइपरटेक्स्ट ट्रान्सफर प्रोटोकॉल (HTTP) का प्रयोग किया जाता है।  ये सारे वेब सर्वर्स (web servers ) का एक प्रकार का कलेक्शन है।  जब किसी ब्राउज़र के एड्रेस बार पर किसी वेबसाइट के URL से पहले www लगा हो तो इसका अर्थ है कि वह वेबसाइट किसी वेब सर्वर पर स्टोर है जो कि वेब से जुड़ा हुआ है इसीलिए ही तो उसे एक्सेस करने के लिए www की मदद ली जाती है।    इसे वेब ब्राउज़र के माध्यम से एक्सेस किया जाता है।

वर्ल्ड वाइड वेब – कार्यप्रणाली

जब कोई यूजर वेब डॉक्यूमेंट को खोलता है तो वह इसके लिए एक प्रकार की एप्लीकेशन का इस्तेमाल करता है जिसे वेब ब्राउज़र कहते हैं।  जब किसी वेब ब्राउज़र मैं डोमेन नेम  या URL (Uniform Resource Locator)  लिखा जाता है तो ब्राउज़र http के डोमेन एड्रेस को खोजने की रिक्वेस्ट भेजता है क्योंकि हर डोमेन का अपना अलग एड्रेस होता है।  इसके बाद ब्राउज़र डोमेन नेम  (domain name) को सर्वर IP एड्रेस में बदल देता है।  जिसको www उस सर्वर में सर्च करता है।  जब एड्रेस वह सर्वर जिससे डोमेन को होस्ट किया गया है वह मैच हो जाता है तो सर्वर उस पेज को ब्राउज़र के पास वापस भेज देता है।  जिसको आप अपने वेब ब्राउज़र पर आसानी से देख सकते है।  वेबसाइट पर कई हाइपरलिंक भी हो सकते है। प्रत्येक हाइपरलिंक किसी अन्य वेबपेज या वेबसाइट का URL बताता है। उस लिंक को क्लिक करने पर ब्राउजर उसी वेबपेज या वेबसाइट तक पहुचकर उसे उपयोगकर्ता को उपलब्ध करा देता है। इस प्रकार उपयोगकर्ता किसी वेबसाइट को देख सकता हैजिसका URL या Name उसे पता हो।

वेब पेज

Webpage इंटरनेट पर उपलब्ध एक Document होता हैजिसे इंटरनेट से जुडा हुआ प्रत्येक व्यक्ति वेब ब्राउज़रकी सहायता से देख सकता है। वेबपेज को HTML Document भी कहते है, क्योंकि वेबपेज को मुख्यत: HTML में ही लिखा जाता है HTML भाषा के अलावा इन्हे अन्य प्रोग्रामिंग भाषाओं में भी लिखा जाता है।वेबपेज दो प्रकार के होते हैं।  
स्टेटिक वेबपेज (Static Webpage) : एक स्टेटिक वेबपेज एक साधारण HTMLडॉक्यूमेंट होता है।  स्टेटिक वेब पेज को केवल HTML और CSS से ही बनाया जाता है।  HTML पेज साधारण और इंटरैक्टिव नहीं होते हैं लेकिन लोड करने और ब्राउज़ करने के लिए कम समय लेते हैं।

डायनामिक वेब पेज (Dynamic Webpage) : डायनामिक वेब पेज परिवर्तित होता रहता है।  जैसे एक न्यूज़ पोर्टल पर हमेशा लेटेस्ट न्यूज़ पहले दिखाई जाती जाती है और अन्य खबरें बाद में दिखाई देती है।  डायनामिक वेब पेज को बनाने के लिए जिस तकनीक का उपयोग किया जाता हैउसे सामुहिक रूप में DHTML नाम दिया गया है।  DHTML को Dynamic Hypertext Markup Language कहा जाता है।  डायनामिक वेब पेज में जानकारी को संग्रहीत करने के लिए एक केंद्रीय डेटाबेस का उपयोग किया जाता है।


वेबसाइट
वेबसाइट उन वेब पेजों का समूह है जो एक डोमेन के तहत इंटरनेट पर किसी स्थान पर रखे जाते हैं। उदाहरण के लिएएक कंपनी की वेबसाइट में विभिन्न वेब पेज हो सकते हैं जैसे होमहमारे बारे मेंप्रोडक्टसर्विस, संपर्क और अन्य। यह एक वेब एड्रेस के माध्यम से सुलभ है। वेबसाइट को स्टेटिक वेब पेज या डायनामिक वेब पेज का उपयोग करके बनाया जा सकता है। एक वेबसाइट पर सामग्री विश्व स्तर पर देखी जाती हैजो विभिन्न व्यक्तियों के लिए समान रहती है। वेबसाइट को सर्वर पर होस्ट किया जाता है जिससे इसे इंटरनेट पर एक्सेस किया जा सके।
वेबसाइट पर वेब पेज को दूसरे पेज से जोड़ने के लिए वेब पेज में नेविगेशनल लिंक होते हैं। वेबसाइट में सामग्री वेब पेज के अनुसार बदलती है जबकि वेब पेज में अधिक विशिष्ट जानकारी होती है।

वेब पेज एवं वेबसाइट में अंतर
वेबपेज एक वेबसाइट का एक स्वतंत्र हिस्सा है जिसमें वेबसाइट पर अन्य वेब पेजों के लिंक होते हैं। दूसरी ओरएक वेबसाइट वेब पेजों का एक संग्रह है जो एक यूनिफ़ॉर्म रिसोर्स लोकेटर को संबोधित किया जाता है।
प्रत्येक वेबसाइट में एक अद्वितीय URL होना चाहिए जबकि कई वेब पेजों में एक ही नाम हो सकता है जब तक कि वे विभिन्न दस्तावेजों में नहीं रहते।
वेबसाइट एक ऐसा स्थान है जो सामग्री को प्रदर्शित करने के लिए उपयोग किया जाता है। इसके विपरीतएक वेबपेज एक सामग्री है जिसे वेबसाइट पर प्रदर्शित किया जाना है।
एक वेब पेज में HTML, HTM, PHP आदि जैसे एक्सटेंशन होते हैं। वेबसाइट URL में कोई एक्सटेंशन नहीं होता है।
वेबसाइट की डिजाइनिंग और डेवलपमेंट में वेबसाइट की तुलना में कम समय लगता है क्योंकि वेबसाइट में बहुत सारे वेब पेज होते हैं।

वेब ब्राउज़र
एक Web Browser, या सिर्फ “Browserवेबसाइटों को एक्सेस करने और देखने के लिए उपयोग किया जाने वाला एप्लिकेशन है। सामान्य वेब ब्राउज़रों में Microsoft Internet Explorer, Google Chrome, Mozilla Firefox,और Apple Safari शामिल हैं। ब्राउजर Hypertext Transfer Protocol (HTTP) का उपयोग करके डिलीवर किए गए वेब पेज और वेबसाइट को Human-Readable Content में ट्रांसलेट करता है।

वेब ब्राउजर का प्राथमिक कार्य HTML कोड को रेंडर (render) करना हैजो कोड वेबपेजों को डिजाइन या “mark up करने के लिए उपयोग किया जाता है। जब भी कोई ब्राउज़र किसी वेब पेज को लोड करता हैतो वह HTML को प्रोसेस करता हैजिसमें टेक्स्टलिंक और इमेज और अन्य आइटम जैसे कि Cascading Style Sheets (CSS) एवं  JavaScript फंक्शन शामिल हो सकते हैं। ब्राउज़र इन सभी कोड्स को प्रोसेस करता हैफिर उन्हें ब्राउज़र विंडो में प्रस्तुत करता है।
सामान्यतः निम्नलिखित वेब ब्राउज़र का उपयोग किया जाता है.

इन्टरनेट एक्स्प्लोरर (Internet Explorer)

इन्टरनेट एक्स्प्लोरर (IE) सबसे पुराने वेब ब्राउज़र में से एक है।  Microsoft द्वारा बनाया यह वेब ब्राउज़र लगभग सभी विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ डिफ़ॉल्ट रूप में मौजूद होता है। विन्डोज़ के साथ मिलने के कारण कई लोग इन्टरनेट इसी वैब ब्राऊज़र के द्वारा प्रयोग करते हैं.

गूगल क्रोम (Google Chrome)

यह एक गूगल प्रोडक्ट हैजिसे 2008 में गूगल द्वारा जारी किया गया था। Chrome ब्राउज़र एक Cross-Platform वेब ब्राउज़र है।  जो लगभग सभी ऑपरेटिंग सिस्टम जैसे – Android, iOS, Windows, Linux को सपोर्ट करता है। क्रोम वैब किट पर आधारित है। टूलबार तथा मेन्यू को काफ़ी कम और वेब पेज को अधिक जगह देने के कारण यह स्क्रीन का सबसे अच्छा सदुपयोग करता है। क्रोम काफ़ी तेज़ ब्राऊज़र है और कई वैबसाइट जिन पर जावास्क्रिप्ट का अधिक प्रयोग हुआ है क्रोम ही प्रयोग करने की सलाह देते हैं । इसके Incognito Mode का इस्तेमाल करके आप प्राइवेट ब्राउज़िंग भी कर सकते है ।  

मोज़िला फायर फॉक्स (Mozilla Firefox)

मोज़िला फ़ाउन्डेशन द्वारा बनाया गया यह ब्राऊज़र लगातार अत्यधिक लोकप्रिय होता जा रहा है। इसकी सबसे रोचक क्षमताएँ इसके थीम तथा एक्सटेंशन हैं। अलग अलग थीम के द्वारा इसके रंग रूप को बदला जा सकता है। एक्सटेंशनों के द्वारा  इसकी क्षमताओं को बढ़ाया या बदला जा सकता यह Windows और Android Device के लिए भी उपलब्ध है।  यह फ्री और ओपन सोर्स प्लेटफार्म है।  मोज़िला फायर फॉक्स को 2002 में जारी किया गया था।  इसमे बाकी वेब ब्राउज़र के मुकाबले ज्यादा फीचर मिलते है।


ओपेरा ब्राउज़र (Opera Browser)

ओपेरा ब्राउज़र अपनी तेज गति और डाटा सेविंग के लिए जाना जाता है । सिक्यूरिटी और तेज गति के कारण कई लोग इसका इस्तेमाल करते है। यह ब्राउज़र तकनीकी रूप से सबसे समृद्ध माना जाता है। कई नई क्षमताएँ सबसे पहले इसी ब्राउज़र में आई हैं - जैसे एक ही विंडो में कई पृष्ठ दिखाने के लिए टैब का प्रयोग। यह मैक ओ एसविन्डोज़लिनक्स सभी ऑपरेटिंग सिस्टम पर उपलब्ध है। पीसी पर अधिक प्रयोग न होने के बावजूद इसकी उपस्थिति मोबाईल फ़ोनस्मार्टफ़ोन तथा पीडीए (डिजिटल डायरी) पर काफ़ी ज़्यादा है।

सफ़ारी (SAFARI)   

यह ब्राऊज़र ऐप्पल ने अपने मैक औपरेटिंग सिस्टम के लिए बनाया था पर अब यह विन्डोज़ तथा लिनक्स पर भी उपलब्ध है। यह भी वैब किट पर आधारित है। इसका मुख्य आकर्षण यह है कि अगर आप मैक औपरेटिंग सिस्टम इस्तेमाल करते हों तो विन्डोज़ तथा लिनक्स पर भी आपको वही वातावरण मिल सकता है।