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Cache Memory HIndi Notes

कैश मेमोरी (Cache Memory)

 

कैश मेमोरी


कैश मेमोरी (Cache Memory)   

 

कंप्यूटर में डेटा प्रोसेसिंग के दौरान आवश्यक डेटा और निर्देशों को सेकेंडरी स्टोरेज से प्राप्त कर रैम में स्टोर किया जाता है। RAM और CPU रजिस्टरों के बीच डेटा ट्रान्सफर होने में समय लगता है, जो कि कंप्यूटर की प्रोसेसिंग गति को प्रभावित करता है। जिससे कंप्यूटर का परफॉरमेंस धीमा (Slow) स्लो होता है।

इस कमी को दूर करने के लिए कैश मेमोरी (Cache Memory) का प्रयोग किया जाता है, कैश मेमोरी (Cache Memory) एक बहुत ही उच्च गति की मेमोरी है, जिसे RAM और CPU के बीच रखा जाता है। कैश मेमोरी से प्रोसेसिंग की गति (Speed) बढ़ जाती है।

कैश मेमोरी एक स्टोरेज बफर (Buffer) है जो अधिक बार उपयोग किए जाने वाले डेटा को अस्थायी रूप से संग्रहीत (Store) करता है, और उन्हें प्रोसेसिंग के दौरान फास्ट स्पीड से सीपीयू को उपलब्ध कराता है। प्रोसेसिंग के लिए आवश्यक डेटा की उपलब्धता पहले कैश मेमोरी में चेक की जाती है, यदि डेटा कैश मेमोरी में नहीं मिलता है, तो उस डेटा को रैम से प्राप्त किया जाता है।


Working Diagram Cache Memory


कैश मेमोरी को एक्सेस करने के लिए सीपीयू को डेटा ट्रांसफर के लिए मदरबोर्ड के सिस्टम बस का उपयोग नहीं करना पड़ता है। 

कंप्यूटर सिस्टम में CPU के साथ बिल्ट-इन  कैश मेमोरी लेवल 1 (L1) कैश और लेवल 2 (L2) कैश होती है। बिल्ट-इन L1 और L2 कैश के अलावा, कुछ CPU में मदरबोर्ड पर एक अलग कैश चिप होती हैजिसे लेवल 3 (L3) कैश कहा जाता है।


Level of Cache Memory


L1 कैश मेमोरी : L1 कैश वह कैश मेमोरी है जिसे सीपीयू में ही बनाया (Inbuilt) गया है। यह सीपीयू की तरह ही क्लॉक स्पीड पर चलता है। यह कैश मेमोरी का सबसे महंगा प्रकार है इसलिए इसका आकार बेहद सीमित है।

L2 कैश मेमोरी : L1 कैश की तरह ही सीपीयू चिप में एल 2 कैश भी स्थित हो सकता है, हालांकि यह CPU कोर के करीब नहीं होता है। कई सिस्टम में यह सीपीयू के करीब एक अलग चिप पर स्थित हो सकता है। L2 कैश L1 कैश की तुलना में कम खर्चीला और बड़ा होता है, इसलिए L2 कैश का आकार बड़ा होता है, और यह प्रति कोर 256 KB के क्रम का हो सकता है।

L3 कैश मेमोरी : लेवल 3 कैश एल 1 या एल 2 कैश की तुलना में बहुत बड़ी होती है, लेकिन यह इन दोनों कैश से अलग है। L1 और L2 कैश एक प्रोसेसर के प्रत्येक कोर के लिए प्राइवेट होती हैं, जबकि L3 एक शेयर्ड कैश है जो सभी कोर के लिए कॉमन है। यह डेटा शेयरिंग और इंटर-कोर कम्युनिकेशन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। 

आजकल, हाई-एंड प्रोसेसर बिल्ट-इन L3 कैश के साथ आते हैं  जैसे इंटेल कोर i7 में L1, L2 और L3 कैश मेमोरी होती हैं। आमतौर पर CPU का कैश साइज़ L1- 256KB तक, L2 - 6 MB तक एवं L3 - 12MB तक होता है।

कैश मेमोरी बहुत महंगी है, इसलिए यह आकार में छोटी है। आम तौर पर, कंप्यूटर में 256 केबी से 12 एमबी के आकार की कैश मेमोरी होती है।


 

उपरोक्त नोट्स आपको कंप्यूटर मेमोरी के अंतर्गत कंप्यूटर मेमोरी चार्ट, प्राइमरी मेमोरी और सेकेंडरी मेमोरी, प्राइमरी मेमोरी के प्रकार, सेकेंडरी मेमोरी के प्रकार, मैन मेमोरी क्या है?, प्राइमरी मेमोरी किसे कहते हैं?, प्राथमिक मेमोरी और द्वितीयक मेमोरी में अंतर, रैंडम एक्सेस मेमोरी (रेम) , रीड ओनली मेमोरी (रोम), स्टेटिक रेम, डायनामिक रेम, आर डी रेम, डी डी आर रेम, प्रोग्रामेबल रीड ओनली मेमोरी (PROM) , एरेजेबल प्रोग्रामेबल रीड ओनली मेमोरी (EPROM),  इलेक्ट्रिकली एरेजेबल प्रोग्रामेबल रीड ओनली मेमोरी (EEPROM), कैश मेमोरी क्या है?  कैश मेमोरी की कार्यप्रणाली  के बारे में जानकारी हेतु सहायक होंगे. अगले टॉपिक में सेकेंडरी मेमोरी / स्टोरेज डिवाइस का अध्ययन करेंगे. 


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